दिल्ली ब्लास्ट की साजिश | फरीदाबाद यूनिवर्सिटी से बड़ा खुलासा

🚨 दिल्ली ब्लास्ट का बड़ा खुलासा: फरीदाबाद यूनिवर्सिटी की बिल्डिंग 17, रूम 13 बना धमाके की साजिश का अड्डा

नई दिल्ली: दिल्ली ब्लास्ट की साजिश – राजधानी दिल्ली में पिछले सोमवार हुए घातक ब्लास्ट की जांच अब बेहद अहम मोड़ पर पहुंच गई है। जांच एजेंसियों के अनुसार, फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी इस पूरी साजिश का केंद्रीय बिंदु थी, जहां से धमाके की योजना और विस्फोटक सामग्री जुटाने का नेटवर्क तैयार हुआ।

इस धमाके में 13 लोगों की मौत हो गई थी, जब रेड फोर्ट मेट्रो स्टेशन के पास एक Hyundai i20 कार में विस्फोट हुआ। कार चलाने वाला व्यक्ति डॉक्टर उमर मोहम्मद था, जिसकी पहचान डीएनए रिपोर्ट से हुई।

अब इस केस में चार डॉक्टर – डॉ. उमर मोहम्मद, डॉ. मुज़म्मिल शकील, डॉ. अदील रदर और डॉ. शाहिद सईद – की गिरफ्तारी ने पूरे देश में सनसनी फैला दी है।


🔥 कैसे रची गई दिल्ली ब्लास्ट की साजिश?

जांच में सामने आया है कि इन डॉक्टरों का संबंध पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से बताया जा रहा है। साजिश कई महीनों से चल रही थी और यूनिवर्सिटी के भीतर ही इनकी गतिविधियों को अंजाम दिया जा रहा था।


🧾 1. 20 लाख रुपये की फंडिंग – दिसंबर 6 को सीरियल ब्लास्ट की तैयारी

चारों डॉक्टरों ने मिलकर लगभग ₹20 लाख इकट्ठा किए।
इस पैसे से:

  • विस्फोटक तैयार करना

  • रसायन खरीदना

  • कमरे और स्टोरेज किराए पर लेना

जैसी गतिविधियाँ की गईं।

सूत्रों के मुताबिक, यह गैंग 6 दिसंबर को दिल्ली-NCR में सीरियल ब्लास्ट करने की तैयारी में था।


🧪 2. 26 क्विंटल NPK खाद की खरीद – IED बनाने की बड़ी साजिश

आरोपियों ने हरियाणा और गुरुग्राम के बाजारों से करीब 26 क्विंटल NPK खाद खरीदी।
खाद का इस्तेमाल:

👉 IED (Improvised Explosive Devices) बनाने में किया जाना था।
इसके लिए लगभग ₹3 लाख खर्च किए गए।


🏢 3. अल-फलाह यूनिवर्सिटी – बिल्डिंग नंबर 17, रूम 13 बना मीटिंग पॉइंट

70 एकड़ में फैली इस यूनिवर्सिटी में:

  • रूम नं. 13 (बिल्डिंग 17)
    आतंकियों की गुप्त मीटिंग का केंद्र बना था।
    यह कमरा डॉ. मुज़म्मिल का था।

यहीं पर दिल्ली और यूपी में कई जगह एक साथ ब्लास्ट करने की योजना तैयार की गई।


🧬 4. लैब से चोरी हुए केमिकल – दो गांवों में स्टोरेज

जांच एजेंसियों के अनुसार:

  • डॉ. उमर

  • डॉ. शाहीन

ने यूनिवर्सिटी केमिस्ट्री लैब से बम बनाने वाले केमिकल चोरी किए।

इन केमिकल्स को फरीदाबाद के:

  • धौज गांव

  • टगा गांव

की दो अलग-अलग जगहों पर छिपाकर रखा गया था।

कमरे से क्या मिला?

  • कई लैपटॉप और मोबाइल

  • पेन ड्राइव

  • दो डायरी (कोडवर्ड और एन्क्रिप्टेड मैसेज)

  • बार-बार लिखा शब्द — “Operation”


💥 5. धमाके में ANFO विस्फोटक के इस्तेमाल की पुष्टि

फॉरेंसिक टीम के अनुसार धमाके में इस्तेमाल हुआ:

ANFO Explosive

(Ammonium Nitrate + Fuel Oil)

छापेमारी में पुलिस ने बरामद किया:

  • 2000 किलो से ज्यादा विस्फोटक सामग्री

  • 350 किलो अमोनियम नाइट्रेट

यह साफ दिखाता है कि योजना सिर्फ एक नहीं, बल्कि कई ब्लास्ट करने की थी।


🏫 6. अल-फलाह यूनिवर्सिटी ने क्या कहा?

यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने बयान जारी कर कहा:

  • हमारा इन आरोपियों से कोई निजी संबंध नहीं है।

  • वे सिर्फ अपने आधिकारिक पद पर यहां काम करते थे।

  • यूनिवर्सिटी देशविरोधी गतिविधियों की सख्त निंदा करती है।

वाइस-चांसलर भूपिंदर कौर आनंद ने कहा कि कुछ लोग संस्था की छवि खराब करने की कोशिश कर रहे हैं।

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⚠️ निष्कर्ष

दिल्ली ब्लास्ट की यह जांच लगातार नई परतें खोल रही है।
फरीदाबाद की यूनिवर्सिटी से लेकर दिल्ली की सड़कों तक फैली यह साजिश दिखाती है कि नेटवर्क बेहद संगठित और प्रशिक्षित था।

जांच एजेंसियाँ अब इस केस को भारत की सबसे बड़ी आतंकी साजिशों में से एक मान रही हैं।

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